उद्देश्य

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  • 14-18 आयु वर्ग के बच्चों को गुणवत्ता प्रधान एवं सीमित आर्थिक संसाधनों में शिक्षा देना।
  • उच्च एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में विद्यमान आधारभूत सुविधाओं में अभिवृद्धि करना।
  • अधिक से अधिक हाईस्कूल विद्यालयों की स्थापना एवं मिडिल स्कूलों के उच्चीकरण के द्वारा कक्षा-8 उत्तीर्ण प्रत्येक छात्र किन्तु विशेषतया छत्राओं को माघ्यमिक शिक्षा के स्तर में शिक्षित करना है।
  • प्रदेश के प्रत्येक विद्यालय में आधारभूत संसाधनों की वृद्धि करना।
  • प्रत्येक विद्यालय में यथा आवश्यक शिक्षकों एवं प्रशासकीय कर्मियों में वृद्धि करना।
  • सभी बच्चों विशेषतया बालिकाओं हेतु स्वास्थ्यप्रद वातावरण एवं आधारभूत सुविधायें उपलब्ध कराना और उन्हें मूल्यवान मानव संसाधन के रूप में परिवर्तित करना।
  • शिक्षण को प्रभावशाली, अभिरूचिपूर्ण एवं अर्थवान बनाने के उद्देश्य से विद्यालयों में आधारभूत संसाधनों के रूप में प्रयोगशालाओं, पुस्तकालयों, क्रीड़ा स्थ्लों के निर्माण एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं को विकसित करना।
  • वर्तमान माध्यमिक विद्यालयों को सुदृढ़ाकृत करने के उद्देश्य से कक्षाओं की मरम्मत, उनका पुनुरूद्धार एवं अतिरिक्त कक्षाओं के निर्माण की योजना को क्रियान्वित करना।
  • उत्तर प्रदेश में शिक्षा की प्रभावशाली एवं योजनाबद्ध गुणवत्ता की प्रगति एवं उन्नति की सुनिश्चित करना।
  • माघ्यमिक स्तर के विद्यार्थियों को शिक्षा को पूर्ण करने एवं विश्व को योगदान करने का सुअवसर में उपलबध कराना।
  • विद्यार्थियों में जीवन निर्वाह कौशल एवं जीवन गुणवत्ता को समग्रता में विकसित करना।
  • यह सुनिश्चित करना कि कोई भी बच्चा लैंगिक सामाजिक आर्थिक रूढ़ियों, असमर्थताओं अथवा अन्य अवरोधों के कारण सन्तुष्टिपरक माघ्यमिक शिक्षा से वंचित न रहने पाये।