महिला छात्रावास-

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केन्द्र सरकार द्वारा प्रायोजित संशोधित योजना के अनुरूप राज्य सरकार द्वारा प्रमुख रूप से शैक्षिक स्तर पर पिछड़े ब्लाकों में महिला छात्रावास के गठन एवं संचालन हेतु वित्तीय सहायता दी जायेगी। इस योजना का मुख्य लक्ष्य बालिका छात्राओं को ऐसे विद्यालयों में भेजना और इन विद्यालयों में उनके अस्तित्व को बनाये रखना है। यह योजना निम्नवत् विकसित की जायेगी-

  • अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ी जातियों एवं अल्पसंख्यक समुदाय से सम्बन्धित कक्षा प्ग् से ग्प्प् में पढ़ने वाली छात्राओं की समुचित शिक्षा।
  • गरीबी रेखा के नीचे रहने (बी पी एल-ठच्स्) वाली छात्राओं के निमित्त यह योजना क्रियान्वित की जायेगी। इससे बालिका छात्राओं में शिक्षा को प्रोत्साहन मिलेगा एवं इससे लैंगिक भेदभाव की भवना भी समाप्त हो सकेगी।

कार्य योजना-

  • निर्माण के लिये उपयुक्त स्थान का चयन।
  • राज्य सरकार से सम्बन्धित छात्रावास प्रमुख रूप से के॰ जी॰ बी॰ वी॰ (ज्ञण्ळण्ठण्टण्) परिसर में ही निर्मित करायें जायेंगे।
  • छात्रावास प्रदेश सरकार द्वारा चयनित माध्यमिक/उच्च माध्यमिक विद्यालयों के परिसर में निर्मित कराये जायेंगे।
  • छात्रावास शासकीय माध्यमिक अथवा उच्च माध्यमिक विद्यालयों से दूर नहीं स्थापित किये जायेंगे ताकि आवासियों को अधिक दूरी न तय करना पड़े।
  • राज्य सरकार को राज्य आय-व्यय-व्ययक में आवश्यक आय-व्ययक प्राविधान करना होगा।
  • राज्य सरकार को योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करना होगा।
  • छात्रावासों में दाखिला करायी गयी छात्राओं में कम से कम 50ः अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ी जाति एवं अल्प संख्यकों से सम्बन्धित होनी चाहिये।
  • बालिका छात्राओं के शिक्षण में किसी आवसीय योजना के क्रियान्वयन में पंचायत को भी सम्मिलित किया जा सकता है किन्तु पंचायतों को प्राथमिक शिक्षा प्राप्त ऐसी छात्राओं की अद्यतनीकृत सूची तैयार रखनी होगी जिन्हें छात्रावास सुविधा की आवश्यकता हो।
  • बालिका छात्रावास के क्रियान्वयन एवं पर्वेक्षण में पंचायतों एवं अन्य स्थानीय निकायों एन0जी0ओ0 (छळव्) एवं अन्य उच्च शैक्षिक संस्थाओं को सम्मिलित किये जाने की आवश्यकता हो सकती है।
  • इन छात्रावासों का संचालन योजना का प्राशासकीय नियंत्रण करने वाले सम्बन्धित विद्यालयों के हेडमास्टर /प्राधानाचार्य द्वारा किया जायेगा।
  • इन हॅास्टलों में रसोई, शौचालय एवं सामान्य उपयोग के अन्य स्थानों /स्थलों को छोड़कर प्रत्येक सहवासी के लिये न्यूनतम आवासीय स्थान 40 वर्ग फीट होना चाहिये।
  • भवन निर्माण भूकम्प प्रतिरोधी मानकों के अनुरूप होना चाहिए।
  • भवन में उत्कृष्ट कोटि के आधारभूत उपकरणों को लगाया जायेगा।
  • के॰ जी॰ बी॰ वी॰ (ज्ञण्ळण्ठण्टण्) परिसर में स्थित छात्रावासों में प्राध्यापिका छात्रावास का अध्यक्ष (वार्डेन) नियुक्त किया जायेगा। उन्हें उनके वेतन के अतिरिक्त मानदेय भी दिया जायेगा।
  • पर्यवेक्षण प्रक्रिया को सरलीकृत करने के उद्देश्य से हास्टल के प्रत्येक सहवासी को छायाचित्र चस्पा किया हुआ विशिष्ट नम्बर ;न्दपुनम छवण्द्ध वाला पहचान पत्र उपलब्ध कराया जायेगा।
  • योजना का निरन्तर मूल्यांकन करने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार के अभिकरणों (Agencies) द्वारा नियमित, सुव्यवस्थित एवं सुगठित व्यवस्था के माध्यम से विभिन्न कार्य-स्थलों का निरीक्षण किया जायेगा।